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BARWANI RESCUE: महाराष्ट्र से बंधक बनाकर तमिलनाडु ले जाए गए 18 मजदूर मुक्त; मोबाइल छीने, जबरन कराया काम; NCST की चिट्ठी से मिली नई जिंदगी

मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले से मजदूरी करने गए 18 आदिवासियों को बंधक बनाने और मानव तस्करी का एक सनसनीखेज मामला सामने ...

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| सतना टाइम्स

मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले से मजदूरी करने गए 18 आदिवासियों को बंधक बनाने और मानव तस्करी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। महाराष्ट्र से तमिलनाडु ले जाए गए इन मजदूरों को राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) और जिला प्रशासन की मुस्तैदी से सकुशल मुक्त करा लिया गया है। बड़वानी जिले के वरला क्षेत्र के मेंद्रिया और झांट्या गांव के रहने वाले ये मजदूर पिछले चार महीनों से नरक जैसी जिंदगी जीने को मजबूर थे।

महाराष्ट्र से तमिलनाडु: धोखे और तस्करी की कहानी

  • शुरुआत: करीब चार महीने पहले ये 18 मजदूर (जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे) महाराष्ट्र के बीड जिले में गन्ना कटाई के लिए गए थे।

  • धोखा: काम पूरा होने के बाद जब मजदूरों ने घर लौटने की इच्छा जताई, तो ठेकेदार ने उन्हें छोड़ने के बजाय बंधक बना लिया।

  • मानव तस्करी: उन्हें जबरन तमिलनाडु के सलेम जिले की एक फैक्ट्री में भेज दिया गया, जहाँ उनसे बंधुआ मजदूर की तरह काम कराया जाने लगा।

 जुल्म की इंतहा: मोबाइल छीने, विरोध पर धमकियां

मजदूरों ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि फैक्ट्री में उन पर अमानवीय दबाव डाला जाता था:

  • संपर्क काटा: मजदूरों के मोबाइल फोन छीन लिए गए थे ताकि वे किसी से मदद न मांग सकें।

  • बुनियादी सुविधाओं का अभाव: न खाने का ठिकाना था और न ही रहने की सही व्यवस्था। विरोध करने पर उन्हें जान से मारने की धमकियां दी जाती थीं।

NCST अध्यक्ष की पहल और ‘जॉइंट ऑपरेशन’

मजदूरों ने किसी तरह अपने परिजनों तक संदेश पहुँचाया, जिसके बाद:

  • आयोग को पत्र: परिजनों ने राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य को पत्र लिखकर मदद मांगी।

  • एक्शन: मामला संज्ञान में आते ही पुलिस, राजस्व और श्रम विभाग की एक संयुक्त टीम गठित की गई।

  • रेस्क्यू: बड़वानी प्रशासन ने तमिलनाडु के सलेम प्रशासन से संपर्क साधा और टीम भेजकर सभी 18 बंधकों को फैक्ट्री के चंगुल से छुड़ाया।

घर वापसी और आर्थिक सहायता

वरला थाना प्रभारी नारायण रावल के अनुसार, सभी मजदूरों को सुरक्षित उनके गांव पहुँचा दिया गया है:

  • मुआवजा: श्रम विभाग ने प्रताड़ित मजदूरों की स्थिति देखते हुए प्रत्येक मजदूर को 30-30 हजार रुपये की तात्कालिक आर्थिक सहायता देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

  • कानूनी कार्रवाई: सलेम (तमिलनाडु) में दोषियों के खिलाफ अपहरण और बंधक बनाने जैसी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

रेस्क्यू ऑपरेशन: मुख्य बिंदु 

विवरण जानकारी
पीड़ित मजदूर 18 (बड़वानी जिले के वरला क्षेत्र से)
स्थान सलेम, तमिलनाडु (मूल रूप से महाराष्ट्र के बीड से तस्करी)
मदद का जरिया NCST अध्यक्ष को लिखा गया पत्र
सहायता राशि ₹30,000 प्रति मजदूर (श्रम विभाग द्वारा)
वर्तमान स्थिति सभी सुरक्षित अपने घर पहुँचे।

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें